काला धन: जी20 देश सूचनाएं साझा करने को राजी
Sydney , New South Wales ,  Australia , Oceania   | अपडेटेड: Monday, Sep 22, 2014 at 10:48 am EST

मुकेश तिवारी - देश में एक बड़ा चुनावी मुद्दा रहे काले धन को लेकर भारत को एक बड़ी सफलता उस वक्त हाथ लगी जब जी20 देशों के वित्त मंत्रियों ने हर वर्ष के अंत में विभिन्न देशों के कर अधिकारियों से सभी बैंकों की सूचनाएं स्वत: साझा करने की अनुमति देने पर रविवार को सहमति जताई। केर्न्‍स (ऑस्ट्रेलिया) में जी-20 देशों के वित्त मंत्रियों की चल रही बैठक में इस बात की घोषणा की गई कि यह व्यवस्था 2017 से लागू होगी।
जी20 देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंकों के बीच हुई बैठक के बाद एक घोषणा पत्र जारी कर यह बताया गया कि "पारस्परिक आधार पर कर सूचनाओं के स्वत: विनिमय के लिए हम वैश्विक आम रिपोर्टिंग मानक को अंतिम रूप देंगे, जिससे सीमा पार कर चोरी को रोकने और उससे निपटने में हम सक्षम हो सकेंगे।"
घोषणा पत्र में कहा गया कि "सभी सदस्य देशों ने परस्पर आधार पर कर सूचनाओं को स्वत: साझा करने के लिए अंतिम रूप से ग्लोबल कॉमन रिपोर्टिग स्टैंडर्ड का समर्थन करने पर सहमति जताई है। सदस्य देश अपने आप 2017 या 2018 के अंत तक सूचनाएं साझा करने लगेंगे। नए ग्लोबल मानक सभी देशों के लिए एक जैसे होंगे। इन मानकों की रूपरेखा जुलाई में आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (ओईसीडी) ने तैयार की थी।"
लेकिन इस समझौते के बाद बैंकों, ब्रोकरों और फंड हाउसों समेत वित्तीय संस्थानों की जिम्मेदारी अब ज्यादा बढ़ जाएगी। वार्षिक आधार पर सूचना साझा करने की स्वचालित व्यवस्था को काम करने में सक्षम बनाने के लिए उन्हें ग्राहकों से अनिवार्य रूप से ब्योरा लेना होगा। साथ ही उन्हें अपने संबंधित नियामकों को जमा करना होगा।
ब्लैक मनी के मामले में भारत की चिंताओं के मुताबिक सूचनाओं का ऑटोमैटिक आदान-प्रदान बेशक अच्छी खबर है। हालांकि इसके लिए अनुरोध करना होगा। पहले सरकारों की शिकायत होती थी कि किसी के बारे में पिछली सूचनाएं मांगने पर लोग अपना बैंक अकाउंट ही बंद कर देते थे ताकि जानकारी गोपनीय रहे।
जिन देशों को टैक्स हैवन कहा जाता है वहां छुपायी गई ब्लैक मनी के बारे में सूचनाएं हासिल नहीं किया जा सकता था। बैंक गोपनीयता की आड़ में जानकारी देने से मन कर देते थे लेकिन अब ऐसा नहीं हो सकेगा। अब चाहे बहामाज हो या स्विस बैंक हो सभी को जानकारी देनी होगी कि अकाउंट किसका है और ब्याज से कितनी इनकम हुई है। अकाउंट और उस बैंक से जुड़े हर तरह के लेनदेन की जानकारी मुहैया करानी होगी।



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