मुकेश नरूला कैनेडा की क्रिकेट टीम के कोच बने
North Cape , Prince Edward Island ,  Canada , North America   | अपडेटेड: Wednesday, Aug 13, 2014 at 05:14 am EST

मुकेश तिवारी - क्रिकेट कैनेडा ने भारतीय मूल के मुकेश नरूला को कैनेडा की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम का कोच नियुक्त किया गया है। नरूला ने 1985 और 1987 के बीच भारत में बड़ौदा और पश्चिम क्षेत्र के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेला है। वे एक ऑस्ट्रेलियन लेवल - 3 कोच हैं। कैनेडा आने के पहले उन्होंने कुछ वर्षों के लिए उन्होंने बड़ौदा की टीम को प्रशिक्षण दिया था जिसकी बदौलत उनकी टीम 2010-11 में रणजी ट्रॉफी उपविजेता बनी थी।
1 अगस्त 2014 को उनकी नियुक्ति की घोषणा की गई थी। उसी दिन अटलांटिक टी 20 चैम्पियनशिप की शुरुआत हुई थी। उस अवसर पर श्री नरूला ने कैनेडा में मौजूद क्रिकेट की प्रतिभा और उसे निखारने की जरुरत पर बल दिया था। उन्होंने प्रिंस एडवर्ड द्वीप (पीईआई) की टीम को टूर्नामेंट की तैयारियों में मदद भी की। क्यूबेक द्वारा जीते गए उस टूर्नामेंट में उन्होंने न्यू ब्रंसविक, न्यूफाउंडलैंड एंड लैब्राडोर, नोवा स्कोशिया, क्यूबेक और प्रिंस एडवर्ड द्वीप के खिलाड़ियों, कोचों, अधिकारियों और अंपायरों से बात की।
कोच के रूप में नरूला के सामने कुछ लक्ष्य रखे गए हैं। इनमें '2015 आईसीसी विश्व क्रिकेट लीग डिवीजन २' और आईसीसी की 'अमेरिका क्षेत्रीय टी 20 चैम्पियनशिप' में कैनेडा को सफलता दिलाना शामिल है। डब्ल्यूसीएल डिवीजन 2 में सफलता मिलने पर आसीसी के एसोसिएट और संबद्ध देशों की सूची में एक उच्च प्रदर्शन करने वाली टीम के रूप में कैनेडा की वापसी हो सकेगी। उन्हें इन राष्ट्रीय उद्देश्यों को पूरा करने के लिए ही क्रिकेट कनाडा से एक अल्पकालिक अनुबंध दिया गया है।
कैनेडा 2015 में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड होने वाले आईसीसी विश्व कप के लिए योग्यता प्राप्त करने में विफल रहा है और आईसीसी के उच्च प्रदर्शन करने वाले देशों की श्रेणी से बाहर हो गया। सर्दियों के दौरान कनाडा की टीम आईसीसी विश्व टी 20 चैम्पियनशिप के लिए क्वालीफाई करने में भी नाकाम रही। कैनेडा का दर्जा कम होने से उसे आईसीसी की तरफ मिलने वाली अनुदान राशि में भारी कमी आई है।
कैनेडा आने के बाद नरूला ने 2011 में कैनेडा की अंडर-19 टीम के साथ काम किया और 2011 से 2013 तक वे ब्रेम्पटन मास्टर्स के कोच भी रहे। वे जीटीए में एक क्रिकेट अकादमी भी चलाते हैं। कैनेडा के युवाओं में क्रिकेट के प्रति दीवानगी को देखते हुए यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि आने वाले वर्षों में श्री नरूला के मार्गदर्शन में पुरुषों की टीम अपना पुराण ओहदा फिर से प्राप्त करने में सफल होगी।



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