घरेलू कामों में दिलचस्पी लेने वाले पिताओं की बेटियाँ अधिक महत्वाकांक्षी
Vancouver , British Columbia ,  Canada , North America   | अपडेटेड: Friday, May 30, 2014 at 08:25 am EST

जया सजल - सभी पिताओं के लिए एक ख़ास खबर: अगर आप अपनी बेटियों को उच्च-वैतनिक करियर पर पहुँचते देखना चाहते हैं तो आपको अपने घरेलू काम-काज में दिलचस्पी लेना शुरू करना होगा।
मनोवैज्ञानिकों द्वारा किए गए एक नए शोध के अनुसार, जो पिता अपने घरों में बर्तनों की सफाई, कपड़े धोने आदि जैसे घरेलू काम करते हैं वे अपनी बेटियों को गैर-पारंपरिक महिला करियरों तक पहुँचने, जैसे कि सीईओ अथवा वकील बनने में मददगार साबित होते हैं।
शोधकर्ताओं के अनुसार, जहाँ माओं का नजरिया बच्चों में लैंगिक बराबरी का भाव पैदा करने में मुख्य भूमिका निभाता है, वही घरेलू कामों में पिता की दिलचस्पी उनके अंदर करियर की महत्वाकांक्षा को मजबूती देती है।
इस शोध की प्रमुख लेखिका अलिस्सा क्रॉफ्ट के अनुसार, जिन घरों में घरेलू जिम्मेदारियां माता-पिता दोनों बराबरी से निभाते हैं वहां लड़कियां व्यापक करियर लक्ष्यों के साथ बड़ी होती हैं। अपने पिता का घरेलू कामों के प्रति नजरिया एक अभिन्न गेटकीपर की भूमिका निभाता है।
क्रॉफ्ट कहती हैं कि अगर कोई पिता लैंगिक बराबरी को बढ़ावा तो देता है लेकिन घरेलू कामों में शामिल नहीं होता है तो उसकी बेटी पारंपरिक महिला प्रधान नौकरियां चुनती है, जैसे नर्सिंग, टीचिंग या फिर घरेलू माँ बनना पसंद करती है।
कार्यस्थल पर बराबरी के बेहतरीन प्रयासों के बावजूद, महिलाएं का प्रतिनिधित्व नेतृत्वकारी अथवा मैनेजमेंट के पदों पर बेहद निम्न होता है। इसी वजह से यह शोध घरेलू कामों में भी लैंगिक बराबरी को बढ़ावा देता है ताकि युवा लड़कियां अपनी नजरें ऐसे करियरों पर जमाएं जिनमें वे पारंपरिक तौर दक्ष नहीं मानी जाती हैं।
क्रॉफ्ट का “द सेकेंड शिफ्ट रिफ्लेक्टेड इन द सेकेंड जेनेरेशन: डू पैरेंट्स’ जेंडर रोल्स एट होम प्रिडिक्ट चिल्ड्रेंस एस्पिरेशंस” नामक यह शोध साइकोलॉजिकल साइंस के वैज्ञानिक जर्नल में प्रकाशित किया जाएगा।



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