सोची ओलंपिक : शानदार वापसी के साथ महिला हॉकी का गोल्ड कैनेडा की झोली में
SotÅ¡i , Krasnodar ,  Russian Federation , Europe   | अपडेटेड: Thursday, Feb 20, 2014 at 08:06 pm EST

मुकेश तिवारी - ओलंपिक महिला हॉकी में कैनेडा ज़बदस्त जुझारूपन दिखाते हुए अमेरिका के हाथ से जीत छीन ली। निश्चित समय में बराबरी पर रहने पर खेल को अतिरिक्त समय में ले जाया गया जहाँ कैनेडियन टीम ने शानदार हॉकी खेलते हुए कैनेडा को एक और गोल्ड मेडल दिला दिया।
खेल के शुरूआती 56 मिनटों तक कैनेडियन टीम एक भी गोल नहीं कर पाई थी। लेकिन जैसे-जैसे खेल अंत की ओर बढ़ रहा था कैनेडियन टीम के विपक्षी गोल पर हमले भी बढ़ते जा रहे थे।
जब खेल ख़त्म होने में 3:26 मिनट रह गए थे तब ब्रायन जेनर ने बाएं छोर से हमला करते हुए अमेरिकी गोलकीपर जेसी वेटर को मात देकर पहला गोल ठोंक डाला।
इसके बाद जब खेल ख़त्म होने में मात्र 55 सेकंड बचे थे और कैनेडियन महिला हॉकी टीम 2-1 से पिछड़ रही थी तभी क्यूबेक की 22 वर्षीय मैरी-फिलिप पाउलिन ने गोल कर कैनेडा को बराबरी पर ला खड़ा किया।
एक समय निश्चित जीत की बढ़ रही अमेरिकी टीम के हौसले पर इस गोल से मानों वज्रपात हो गया वहीं कैनेडा की टीम में एक नए उत्साह का संचार हो गया। निश्चित समय में 2-2 की बराबरी रहने के कारण खेल अतिरिक्त समय में ले जाया गया।
अतिरिक्त समय में 08:10 मिनट पर पाउलिन ने फिर गोल करते हुए कैनेडा की बरसों याद रहने वाली जीत दिला दी।
अमेरिका एक बार फिर महिला हॉकी का स्वर्ण जीतने में नाकाम रहा। अब तक खेले गए पांच शीत ओलंपिक फायनल में से अमेरिका ने सबसे पहला स्वर्ण 1998 में जीता था। जबकि कैनेडा ने लगातार चौथी बार यह प्रतियोगिता जीती है।



यह खबर आपको कैसी लगी ?  0

आपकी राय


Name Email
Please enter verification code