नोटबंदी के दौरान हुए 2 लाख से अधिक कैश भुगतान को IT रिटर्न में करें दर्ज
Delhi , Delhi ,  India , Asia   | अपडेटेड: Monday, Apr 10, 2017 at 09:57 am EST

नोटबंदी की 50 दिन की अवधि के दौरान किसी तरह के लोन या क्रेडिट कार्ड के बिल के भुगतान के लिए दी गई 2 लाख रुपये की नकद राशि को अब नए एक पेज के आयकर रिटन फॉर्म में दिखाना होगा |
आयकर विभाग ने कुछ दिन पहले नए आयकर रिटर्न फॉर्म अधिसूचित किए थे, जो कि वर्ष 2017-18 वित्त वर्ष 2016-17 के लिए जारी किये गए हैं | इस नए फॉर्म में आय, छूट और अदा किए गए कर की जानकारी देने के अलावा एक नया खंड है | जिसमें नोटबंदी की 50 दिन की अवधि के दौरान हुए दो लाख रुपये से अधिक की किसी तरह की बैंक जमा की भी जानकारी देनी होंगी |
एक वरिष्ठ अधिकारी ने यहां एजेंसी को बताया है, कि इस खंड का उपयोग नोटबंदी के दौरान ऋण या क्रेडिट कार्ड बिल के लिए किए गए दो लाख रुपये से अधिक के नकद भुगतान की जानकारी देने के लिए भी किया जाएगा |
'ऑपरेशन क्लीन मनी'
ये सभी कदम डिपार्टमेंट के 'ऑपरेशन क्लीन मनी' के तहत उठाए जा रहे हैं | इस चरण को इस महीने के आखिर तक पूरी तरह अमल में लाया जाएगा और इसमें ऐसे टैक्स चुकानों वालों पर शिकंजा कसेगा जिन्होंने 31 मार्च तक अघोषित संपति को सार्वजनिक नहीं किया है | इससे पहले इनकम टैक्स विभाग ने करीब 18 लाख नोटिस भेजे थे | ये सभी नोटिस नोटबंदी के बाद जमा किये गए कैश से जुड़े थे | गौरतलब है कि इससे पहले विभाग ने अघोषित आय और नोटबंदी के बाद जमा रकम की घोषणा के लिए 31 मार्च की डेडलाइन रखी थी |
कैश लेनदेन पर पाबंदी
इससे पहले देश में 2 लाख रुपये से अधिक कैश लेनदेन पर पाबंदी लगा दी गई थी. इस पाबंदी के बाद देश में किसी भी खरीदारी में 2 लाख रुपये से अधिक कैश का इस्तेमाल गैरकानूनी है और इसके लिए सरकार को 100 फीसदी जुर्माना अदा करना होगा | केन्द्र सरकार के मुताबिक यह जुर्माना 2 लाख रुपये से अधिक के लेनदेन वाली रकम के बराबर होगा. यानी किसी खरीदारी में 2 लाख रुपये से ऊपर लगी कैश रकम के बराबर जुर्माना देना होगा |



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