प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुहिम को स्विट्जरलैंड की शर्तों से झटका
Geneve , Geneve ,  Switzerland , Europe   | अपडेटेड: Monday, Mar 27, 2017 at 02:17 pm EST

स्विट्जरलैंड ने कालेधन की जानकारी देने के लिए हुए करार में गोपनीयता की शर्त को अहम बताया है। उसने कहा कि कालेधन की सूचनाओं के स्वत: आदान-प्रदान की प्रस्तावित व्यवस्था के तहत गोपनीयता की भी शर्त है और अगर यह भंग होती है तो वह सूचनाएं देना रोक देगा। अगर ऐसा हुआ तो भारतीयों द्वारा विदेशों जमा कराए गए कालेधन के खिलाफ केंद्र की मुहिम को झटका लग सकता है।
स्विट्जरलैंड के अंतरराष्ट्रीय वित्तीय मामलों के विभाग (एसआईएफ) ने एक बयान में कहा, घरेलू वित्तीय संस्थाएं पहली बार इस साल आंकड़े एकत्रित कर रही हैं। स्विट्जरलैंड के कर अधिकारी भागीदार देशों के साथ सूचनाओं का आदान-प्रदान 2018 में करेंगे।
एसआईएफ ने अपनी त्रैमासिक समाचार पत्रिका के ताजा अंक में लिखा है, यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सूचनाएं गलत हाथों में न पड़ें या उनका दुरुपयोग न हो। विभाग ने कहा, स्विट्जरलैंड उन सभी देशों और क्षेत्रों के साथ कर-संबंधी सूचनाओं का आदान-प्रदान करने को सैद्धांतिक रूप से तैयार है, जो संबंधित शर्तों को पूरा करते हैं। इस द़ृष्टि से इस अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में सूचनाओं की गोपनीयता और सुरक्षा महत्वपूर्ण बात है।



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